Transfer policy for Rajasthan Government Employees

प्रशासनिक सुधर एवं समन्वय विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के आदेश क्रमांक -प.5(1)प्रसु/अनु-1/2024/स्था.निर्देश/06619 दिनांक 09-04-2024द्वारा जारी स्थानान्तरण संबंधी प्रस्तावित दिशा-निर्देश

प्रस्तावना

राज्य के समस्त राजकीय विभागों / उपक्रमों/ बोर्ड/निगमों व अन्य समस्त स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कार्मिकों के सेवा काल के दौरान किये जाने वाले स्थानान्तरण को सरल, पारदर्शी, एक निश्चित समय अवधि एवं एकरूपता बनाये रखने की दृष्टि से निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किये जाते है:-

1. स्थानान्तरण दिशा-निर्देश समस्त राजकीय विभागों / उपक्रमों/ बोर्ड / निगमों व अन्य समस्त स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत राजपत्रित / अराजपत्रित समस्त लेवल एवं संवर्गों के कर्मचारियों पर लागू होंगे।

2. यह दिशा-निर्देश केवल प्रशिक्षण काल (Probationary period) को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले राजकीय कार्मिकों पर ही लागू होंगे, अर्थात् प्रशिक्षण काल के दौरान कार्मिकों का स्थानान्तरण नहीं किया जा सकेगा।

  1. राज्यपाल सचिवालय
  2. विधानसभा सचिवालय
  3. राज्य निर्वाचन आयोग

1. विभाग अपने विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति का स्टेकहोल्डर्स / लाभार्थियों के मुख्य प्रतिनिधिगण से चर्चा उपरांत स्वयं के स्तर पर उक्त दिशा-निर्देशों को सम्मिलित करते हुये सृजन करेगा। विभाग द्वारा सृजित स्थानान्तरण नीति सक्षम स्तर से अनुमोदन उपरांत प्रशासनिक सुधार विभाग को सहमति हेतु भिजवायी जावेगी। प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अनुमोदन प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा।

2. सभी विभागों द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से स्थानान्तरण किये जाने योग्य पद एवं स्थान/जिले में संभाव्य रिक्त पदों का विवरण प्रति वर्ष 15 जनवरी तक अपनी वेबसाइट/नोटिस बोर्ड पर प्रकटन/प्रकाशन किया जावेगा। विभागीय स्तर पर प्रशासनिक आधार पर भरे जाने वाले पदों को नोटिफाई करने की आवश्यकता नहीं है।

3. विभागों के स्तर पर तैयार नीति/दिशा-निर्देशों में राजपत्रित / अराजपत्रित कार्मिकों के भिन्न-भिन्न आवश्यकताओं व महत्व को ध्यान में रखते हुए सुसंगत प्रावधान करते हुए नीति एवं पोर्टल में पृथक-पृथक व्यवस्था रखी जावे।

4. विभागानुसार कार्यरत कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए A एवं B केटेगरी / श्रेणी बनाकर जिन विभागों में दो हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन विभागों को श्रेणी में रखा जावे तथा दो हजार से कम कार्मिकों वाले विभागों को श्रेणी में रखा जावे। प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के सुझावों एवं विचार विमर्श उपरांत स्थानान्तरण हेतु ये गाइडलाइन्स तैयार की गई है। A श्रेणी के विभागों को प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन्स को समाहित करते हुए अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं के स्तर पर स्टेकहोल्डर्स / लाभार्थियों / कर्मचारियों के मुख्य प्रतिनिधियों से चर्चा कर एक माह में स्थानान्तरण नीति तैयार कर सक्षम स्तर से अनुमोदन उपरांत प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाई जावे तथा । श्रेणी के विभागों को प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानान्तरण नीति बनाई जावे। हालांकि श्रेणी के विभाग भी अपने विभाग की विशिष्टता/परिस्थितियों के अनुसार प्रस्तावित सुझावात्मक स्थानान्तरण नीति में आवश्यक बदलाव कर सकेंगे।

5. कार्मिकों का स्थानान्तरण समकक्ष पदों पर ही किया जावे। उच्च/ निम्न पदों पर नहीं किया जावे।

6. विभाग में कार्यरत अधिकारी / कर्मचारी को सेवाकाल में कम से कम दो वर्ष के लिए ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कार्यालयों में विभागीय समकक्ष पदों पर आवश्यक रूप से पदस्थापित रखा जावे। जिन विभागों में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यालय/पद नहीं है, उन पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।

7. विभाग द्वारा DOIT से संपर्क कर अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप Online पोर्टल का सृजन करवाया जावेगा।

8. DOIT द्वारा विभागों के प्रस्तावों के अनुरूप तकनीकी प्रावधान करते हुए एक वृहद् Online पोर्टल सृजित किया जावेगा। 1 जनवरी से 30 जनवरी तक पोर्टल/वेबसाइट पर स्थानान्तरण हेतु उपलब्ध रिक्त पदों / संभाव्य रिक्त पदों को दर्शित किया जायेगा। स्थानान्तरण के इच्छुक कार्मिकों को उक्त निर्धारित प्रारूप में ऑनलाईन पोर्टल के द्वारा प्रतिवर्ष 1 फरवरी से 28 फरवरी तक अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन-पत्र के अभाव में स्थानान्तरण पर विचार नहीं किया जावेगा।

9. स्थानान्तरण आवेदन-पत्र प्राप्त होने पर विभाग द्वारा इच्छित जिला / स्थान जैसी भी स्थिति हो, स्थानान्तरण हेतु उपरोक्त दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए 1 मार्च से 31 मार्च तक In-Person counselling के माध्यम से कार्यवाही की जावेगी। अधिकतम 30 अप्रेल तक स्थानान्तरण आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आवेदन करने वाले कार्मिकों को ही counselling में सम्मिलित किया जा सकेगा।

10. विभाग द्वारा counselling की कार्यवाही में स्थानान्तरण करने हेतु सर्वप्रथम प्राथमिकता से दिव्यांगजन, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, भूतपूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी, पति-पत्नी प्रकरण व असाध्य रोग से पीड़ित आवेदकों एवं शहीद के आश्रित सदस्य, दूरस्थ जिलों/डार्क जोन / हार्ड एरिया में नियत अवधि तक कार्यरत कार्मिकों को बुलाया जावेगा।

तदउपरांत शेष रहे आवेदकों को counselling में बुलाकर उनकी पारिवारिक परिस्थितियों एवं अन्य महत्वपूर्ण आधारों को ध्यान में रखते हुए गुणावगुण पर विभाग के समक्ष स्तर से निर्णय लिया जाकर स्थानान्तरण किये जाएंगे।

11. निम्नांकित असाध्य रोग से स्वयं, पति/पत्नी पीड़ित होने पर प्राथमिकता दी जावेगी।

  1. दुर्बल बीमारियां (Debilitating Disorders) जैसे कैंसर, गुर्दा प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) हृदय शल्य चिकित्सा ओपन हार्ट सर्जरी/बाईपास सर्जरी (Heart Surgery-Open Heart/Bypass) तथा डायलिसिस (Dialysis)
  2. किसी को गुर्दा (Kidney) या यकृत (Liver) का दान किया गया हो-ऑपरेशन से प्रथम तीन वर्षों के लिए।
  3. मनोचिकित्सा रोग (Psychiatric-Mental Health Issue)
  4. लकवा (Paralysis)
  5. स्थायी निशक्तता (Permanent Disability)
  6. अंधापन (Blindness)
  7. मूक एवं बधिर (Deaf and Dumb)
  8. मानसिक निशक्तता (Mentally Challenged Children), स्वलीन (Autism) अथवा बहुआयामी निशक्तता

12. स्थानान्तरण करने वाले प्राधिकारी को इस तथ्य का भी ध्यान रखना आवश्यक होगा कि किसी स्थानान्तरण से कोई कार्यालय कार्मिक रहित ना हो जाए, अर्थात् एकल कार्मिक वाले कार्यालयों को उचित रिप्लेसमेंट मिलने पर ही स्थानान्तरण किया जावे।

13. विभाग द्वारा counselling से संबंधित दस्तावेजों / रिकार्ड को सुरक्षित रखा जावेगा।

14. दूरस्थ जिलों / डार्क जोन / हार्ड एरिया में कार्यरत कार्मिकों को गुणावगुण पर समीक्षा के आधार पर एक निश्चित सेवा अवधि उपरांत इच्छित स्थान पर स्थानान्तरण हेतु प्राथमिकता दी जावे। दूरस्थ जिलों / डार्क जोन / हार्ड एरिया का चिन्हिकरण / निर्धारण अधिक संख्या में रिक्त रहने वाले पदों की स्थिति, विषम परिस्थितियों एवं विभाग द्वारा निर्धारित अन्य मापदण्डों को ध्यान में रखते हुए विभाग के द्वारा सक्षम स्तर पर किया जावे।

कार्मिक स्थानान्तरण हेतु आवेदन वर्तमान पदस्थापन की दिनांक से 2 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर ही कर सकेगा। 2 वर्ष पूर्ण की गणना प्रति वर्ष की 1 अप्रेल को माना जायेगा, अर्थात् किसी वर्ष विशेष में 1 अप्रेल को 2 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले कार्मिक उक्त वर्ष में आवेदन कर सकेगा। परन्तु निम्नांकित विशेष श्रेणियों के कार्मिक 2 वर्ष की अवधि से पूर्व भी स्थानान्तरण हेतु आवेदन कर सकेंगे:-

1. दिव्यांगजन

2. विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला

3. निम्नांकित मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित असाध्य रोग से पीड़ित होने पर (स्वयं, पति-पत्नी, आश्रित संतान एवं माता-पिता)-

  1. दुर्बल बीमारियां (Debilitating Disorders) जैसे कैंसर, गुर्दा प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) हृदय शल्य चिकित्सा ओपन हार्ट सर्जरी / बाईपास सर्जरी (Heart Surgery-Open Heart/Bypass) तथा डायलिसिस (Dialysis)
  2. किसी को गुर्दा (Kidney) या यकृत (Liver) का दान किया गया हो-ऑपरेशन से प्रथम तीन वर्षों के लिए।
  3. मनोचिकित्सा रोग (Psychiatric-Mental Health Issue)
  4. लकवा (Paralysis)
  5. स्थायी निशक्तता (Permanent Disability)
  6. अंधापन (Blindness)
  7. मूक एवं बधिर (Deaf and Dumb)
  8. मानसिक निशक्तता (Mentally Challenged Children), स्वलीन (Autism) अथवा बहुआयामी निशक्त्तता

4. भूतपूर्व सैनिक

5. उत्कृष्ट खिलाड़ी

6. पति-पत्नी, जो अलग-अलग जगह पदस्थापित हों तो जहाँ तक संभव हो उन्हें एक जिले में जैसी भी स्थिति हो, स्थानान्तरित किया जावे।

7. शहीद के आश्रित परिवार का सदस्य होने की स्थिति में

8. दूरस्थ जिलों / डार्क जोन / हार्ड एरिया में कार्यरत कार्मिकों जिन्होंने नियत अवधि तक कार्यकाल पूर्ण कर लिया है।

कार्मिकों को एक ही स्थान पर कार्यरत रहते हुए 3 वर्ष या अधिक का समय हो गया हो तो प्रशासनिक आधार पर उसका स्थानान्तरण किया जा सकेगा, परन्तु 3 वर्ष की अवधि से पूर्व स्थानान्तरण निम्नांकित परिस्थितियों में ही किया जा सकेगाः-

1. कार्मिक के खिलाफ ऐसी गंभीर शिकायत हो, जो प्राथमिक जांच में प्रथम दृष्टयाः सही पाई गई हो।

2. कार्मिके के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही विचाराधीन होने पर अन्यत्र स्थानान्तरण कियाजा सकेगा, ताकि कार्मिक द्वारा जांच को प्रभावित नहीं किया जा सके।

3. कर्मचारी की पदोन्नति होने पर, जहां तक सम्भव हो, पदोन्नत कर्मचारी को रिक्त स्थान पर पदस्थापित किया जावेगा।

प्रस्तावित स्थानान्तरण नीति / विभागों द्वारा तैयार स्थानान्तरण नीति में जिन श्रेणियों के स्थानान्तरण का विवरण समाहित है, उनसे पृथक भी यदि कोई प्रशासनिक रूप से अथवा अन्य प्रकार से विशिष्ट प्रकृति के प्रकरण प्रस्तुत हों तो ऐसे विशिष्ट प्रकृति वाले स्थानान्तरण प्रकरणों को नीति में निर्धारित समयावधि की बाध्यता से मुक्त रखा जावेगा। ऐसे प्रकरणों का स्थानान्तरण सक्षम अनुमोदन उपरांत वर्ष में कभी भी किया जा सकेगा।

1. कार्मिक का एक विभाग से दूसरे विभाग में अन्तर्विभागीय समायोजन होने की स्थिति में अथवा किसी विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आने पर उक्त कार्मिक को विभाग में उपलब्ध रिक्त पद पर पदस्थापित किया जा सकेगा।

2. न्यायिक प्रकरणों के मामले में।

3. पद की समाप्ति अथवा कर्मचारी की पदावनति होने की स्थिति में।

4. नव नियुक्त कार्मिकों को यथा सम्भव विभाग में उपलब्ध रिक्त पदों पर पदस्थापित किया जा सकेगा।

5. APO प्रकरणों में स्थानान्तरण / पदस्थापन प्रशासनिक सुधार विभाग की पूर्व सहमति से ही किया जावे। कार्मिक को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा (APO) में रखे जाने के बाद उसका पदस्थापन पूर्व पदस्थापित स्थान पर नहीं किया जाकर उसे यथा सम्भव किसी अन्य रिक्त पद पर पदस्थापित किया जावेगा।

कार्मिकों के स्थानान्तरण (काउंसलिंग एवं स्वयं के आवेदन / प्रशासनिक कारण से) प्रतिवर्ष 1 फरवरी से 30 अप्रैल की अवधि में दिशा-निर्देशों के बिन्दु संख्या (III) स्थानान्तरण प्रक्रिया के बिन्दु संख्या 8 व 9 में वर्णित तिथियों / समय सीमा के अनुरूप किये जा सकेंगे। स्थानान्तरण करते समय निम्नानुसार सामान्य निर्देशों की पालना की जावेगी।

1. किसी कार्मिक की सेवानिवृत्ति में 1 वर्ष या इससे कम अवधि रह गई हो तो उसका स्थानान्तरण किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जायेगा, परन्तु यदि कार्मिक स्वयं स्थानान्तरण का इच्छुक हो तो स्थानान्तरण किया जा सकेगा।

2. कार्मिक का किसी स्थान से स्थानान्तरण होने के बाद उसी स्थान पर 2 वर्ष पूर्व पुनः स्थानान्तरित / पदस्थापित नहीं किया जा सकेगा।

3. यह सुनिश्चित किया जावे कि किसी विभाग में एक कार्मिक एक ही कार्यालय/अनुभाग में लगातार पांच वर्ष से अधिक पदस्थापित नहीं रहे। पांच वर्ष पश्चात् स्थान बदलने की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं है, परन्तु कार्यालय अथवा अनुभाग से पांच वर्ष के निरन्तर ठहराव के पश्चात् आवश्यक रूप से कार्मिक का स्थानान्तरण कर दिया जावे। कार्मिक के स्वयं के आवेदन पर स्थान परिवर्तन किया जा सकता है।

4. कार्मिक का स्थानान्तरण समान पद पर ही किया जावे। किसी अन्य पद के विरुद्ध स्थानान्तरण नहीं किया जा सकेगा।

5. कार्यव्यवस्थार्थ को आधार बनाकर कार्मिक का स्थानान्तरण नहीं किया जा सकेगा। यदि स्थानान्तरण करना आवश्यक हो तो प्रशासनिक सुधार विभाग की पूर्व अनुमति से ही स्थानान्तरण किया जा सकेगा।

6. अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थापित कार्मिकों के स्थानान्तरण के मामलों में प्रचलित नियम/ आदेश/ निर्देश यथावत् लागू रहेंगे।

7. अनुसूचित क्षेत्र से गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानान्तरण के मामलों में विद्यमान नियम/ आदेश/निर्देश यथावत् लागू रहेंगे।

1. स्थानान्तरण उपरोक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किए जायेंगे। दिशा-निर्देशों के विपरीत यद कोई विभाग, उपक्रम, बोर्ड, निगम एवं अन्य स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा कार्मिकों के स्थानान्तरण किए जाने पर उक्त स्थानान्तरण को निरस्त करने के साथ-साथ स्थानान्तरण करने वाले अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

2. इस संबंध में प्रशासनिक सुधार विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित विभाग का निरीक्षण करते समय परीक्षण करेंगे कि विभाग द्वारा स्थानान्तरण राज्य सरकार द्वारा जारी उक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए गये हैं। जिन मामलों में निर्देशों की अवहेलना दृष्टिगत हो, उसकी सूचना संबंधित अधिकारी के पूर्ण विवरण सहित प्रशासनिक सुधार विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक विभाग को प्रेषित करेंगे। स्थानान्तरण दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जावेगा।

उक्त स्थानानतरण दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।