दिपावली से ठीक पहले उपभोक्ताओं को मंहगाई का एक और झटका लगा है। देश के सब से बडे दूध उत्पाद उत्पादक अमूल डेयरी ने अपने डेयरी प्रोडक्टस के दाम बढा दिये है। गुजरात को-आॅपरेटिव मिल्क मार्केटिग फेडरेशन द्वारा बेचे जाने वाले दूध एवं मक्खन प्रोडक्ट्स के दाम बढा दिये गये है।

एक किलो अमूल घी अब 680 रुपये का हो गया है, जो पहले 630 रुपये था। इसमें 50 रुपये की वृद्धि की गयी है। 500 ग्राम शुद्ध घी थैली की कीमत 325 रुपये से बढ़कर 345 रुपये की हो गई है। मक्खन के दाम भी बढ़े हैं। 100 ग्राम पैकेट अब 66 रुपये का मिलेगा। पहले इसकी कीमत 63 रुपये थी। इसमें तीन रूपये की वृद्धि की गयी है। 500 ग्राम मक्खन के पैकेट पर 15 रुपये की वृद्धि हुई है, पहले जो 310 रूपये का मिलता था, अब 325 रुपये का मिलेगा। अमूल के ऑनलाइन मंच पर गाय का घी 740 रुपये प्रति लीटर सूचीबद्ध है। सागर घी 710 रुपये और भैंस का घी 720 रुपये प्रति लीटर है।
अमूल घी और बटर की नई रेट लिस्ट
| उत्पाद | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
| घी (1 किलो कार्टन) | ₹630 | ₹680 | ₹50 |
| प्योर घी (500 ग्राम पाउच) | ₹325 | ₹345 | ₹20 |
| बटर (500 ग्राम पैक) | ₹310 | ₹325 | ₹15 |
| बटर (100 ग्राम पैक) | ₹63 | ₹66 | ₹3 |
दाम बढ़ने के मुख्य कारण
- त्योहारी मांग और सप्लाई पर दबाव: पूरे साल की कुल घी खपत का लगभग 40% से 45% हिस्सा अकेले त्योहारी सीजन (दिवाली के आसपास) में होता है। इस भारी मांग के चलते कई रिटेल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गाय और भैंस के घी का स्टॉक सीमित हो गया है।
- मिलावटी घी पर सख्ती: राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों में नकली व मिलावटी घी के खिलाफ चल रही छापेमारी के बाद ग्राहकों का रुझान अमूल जैसे विश्वसनीय ब्रांड्स की ओर तेजी से बढ़ा है, जिससे आपूर्ति की तुलना में मांग काफी बढ़ गई।
- उत्पादन लागत (Input Costs): दूध उत्पादन व लॉजिस्टिक्स खर्च में हुई वृद्धि को भी इस बढ़ोतरी का एक बड़ा आधार बताया गया है।
सितंबर 2025 में डेयरी उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किए जाने पर जो राहत मिली थी, इस ताजा बढ़ोतरी के बाद उसका एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है।
शब्द सरिता (The River of Words in Hindi.)